Vice President (उपराष्ट्रपति) Election 2025 Live: गिनती जारी, विपक्ष का बड़ा दांव
भारत के उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में आज सबसे बड़ा राजनीतिक मुकाबला देखा जा रहा है। NDA और INDIA गठबंधन आमने-सामने हैं और गिनती शुरू हो चुकी है। इस चुनाव को सिर्फ एक पद का चुनाव नहीं, बल्कि संसद के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा की राजनीति का भविष्य भी माना जा रहा है।
उपराष्ट्रपति पद का महत्व क्या है।
उपराष्ट्रपति भारत का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति होते हैं और कई बार निर्णायक परिस्थितियों में उनका वोट संसद की दिशा तय कर देता है। यही वजह है कि उपराष्ट्रपति चुनाव हमेशा राजनीतिक रणनीति का मुख्य केंद्र रहता है।
चुनाव की प्रक्रिया कैसी होती हैं
उपराष्ट्रपति का चुनाव सांसदों के इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा किया जाता है। इसमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों के निर्वाचित सदस्य वोट डालते हैं। वोटिंग गुप्त मतपत्र (Secret Ballot) से होती है और इसकी गिनती चुनाव आयोग और Returning Officer की देखरेख में की जाती है। इस बार 780 से अधिक सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा लिया।
उम्मीदवार कौन कौन हैं?
NDA उम्मीदवार: सी.पी. राधाकृष्णन – तमिलनाडु से आते हैं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और संगठनात्मक कार्यों में लंबे समय से सक्रिय। प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी नेतृत्व ने इन्हें NDA का चेहरा बनाया।
INDIA गठबंधन उम्मीदवार: बी. सुदर्शन रेड्डी – सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और विपक्ष द्वारा सर्वसम्मति से चुने गए उम्मीदवार। विपक्ष ने उन्हें एक निष्पक्ष और सशक्त आवाज़ के रूप में प्रोजेक्ट किया है।
वोटिंग कैसे हुई?
वोटिंग 10 बजे से 5 बजे तक चली। सांसदों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले वोट डाला। विपक्षी नेताओं ने भी पूरे जोश के साथ भाग लिया।
गिनती कब शुरू हुई?
मतदान खत्म होने के तुरंत बाद, शाम 6 बजे गिनती शुरू हो गई। सबसे पहले वैध और अमान्य मतपत्र अलग किए गए। फिर राउंड-बाय-राउंड काउंटिंग शुरू हुई।
विपक्ष का बड़ा दांव
INDIA गठबंधन ने इस चुनाव से पहले संसद में मॉक पोल कराया। विपक्ष का दावा है कि NDA के कुछ सांसद क्रॉस वोटिंग करेंगे। इससे मुकाबला रोचक हो गया है। विपक्ष ने इस चुनाव को "संविधान बचाने की लड़ाई" करार दिया है।
NDA की रणनीति
NDA ने भी अपनी तरफ से मोर्चा संभाल रखा है। बीजेपी को अपने सहयोगी दलों जद(यू), शिरोमणि अकाली दल, बीजद और AIADMK का समर्थन मिला है। NDA का दावा है कि उनके पास स्पष्ट बहुमत है और विपक्ष के दांव से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
विपक्ष को क्रॉस वोटिंग की संभावना
पिछले कई उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति चुनावों में क्रॉस वोटिंग देखने को मिली है। विपक्ष को उम्मीद है कि इस बार भी कुछ सांसद NDA से असंतुष्ट होकर विपक्षी उम्मीदवार को वोट देंगे। वहीं NDA का कहना है कि उनका गठबंधन पूरी तरह एकजुट है।
पिछले उपराष्ट्रपति चुनावों पर एक नज़र
- 2017 – एम. वेंकैया नायडू NDA उम्मीदवार के रूप में जीते।
- 2022 – जगदीप धनखड़ NDA उम्मीदवार के रूप में उपराष्ट्रपति बने।
- 2025 – अब तीसरा बड़ा चुनाव है जिसमें विपक्ष ने सुदर्शन रेड्डी को उतारा है।
लाइव अपडेट्स
राजनीतिक असर
अगर NDA जीतता है तो यह प्रधानमंत्री मोदी और उनके गठबंधन के लिए एक और बड़ी सफलता होगी। वहीं अगर विपक्षी उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी जीतते हैं, तो यह INDIA गठबंधन की एक ऐतिहासिक जीत होगी और मोदी सरकार की राजनीति पर यह एक बहुत बड़ा असर डालेगी।
विश्लेषण
विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव सिर्फ उपराष्ट्रपति का चुनाव नहीं है, बल्कि यह आने वाले विधानसभा चुनावों और 2029 लोकसभा चुनाव की दिशा भी दिखा बदल सकता है। विपक्ष ने एकता दिखाई है और NDA ने संगठन शक्ति। नतीजे चाहे जो हों, भारतीय राजनीति में नए समीकरण बनने तय हैं।
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निष्कर्ष
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 का यह मुकाबला ऐतिहासिक बन चुका है। चाहे NDA जीते या INDIA गठबंधन, यह साफ है कि भारत की राजनीति में आने वाले सालों के लिए यह चुनाव नई दिशा तय करेगा।

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